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नौकरीपेशा लोगों को केंद्र सरकार का बड़ा झटका, अब EFP फिर घटा ब्याज

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नई दिल्ली: देश भर के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को मोदी सरकार ने एक बार फिर बड़ा झटका दिया हैं। केंद्र सरकार ने आपकी सैलरी पर कटने वाले पीएफ पर मिलने वाले ब्याज को पहले से और भी कम कर दिया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने ईपीएफ पर ब्याज दर को 8.65 फीसदी से घटाकर 8.55 पर लाकर खड़ा कर दिया है।

आपको बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) पर ब्याज दर को घटाकर 8.55 फीसद कर दिया है। इससे पहले वित्त वर्ष में यह दर 8.65 फीसद थी। पीएफ पर ब्याज के घटने पर माना जा रहा हैं कि ये नौकरपेशी कर्मचारीयों के लिए एक बड़ा झटका हैं।

बता दें कि श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के ट्रस्टियों की बुधवार (21 फरवरी) को हुई बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से कहा हैं कि, ‘मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए भविष्य के बारे में मूल्यांकन करना मुश्किल है। हमने पिछले साल 8.65 फीसद की दर से ब्याज दिया जिसके बाद 695 करोड़ रुपए का अधिशेष बचा है

उन्होनें आगे कहा हैं कि इस साल हमने 2017-18 के लिए 8.55 फीसद की दर से ब्याज देने की सिफारिश की है। इससे 586 करोड़ रुपए का अधिशेष बचेगा।’ आप इससे अनुमान लगा सकते हैं कि देशभर में छह करोड़ से भी अधिक कर्मचारी ईपीएफओ से जुड़े हैं। ईपीएफओ ने 2016-17 के लिए 8.65 फीसद ब्याज दर की घोषणा की थी। यह 2015-16 में 8.8 फीसद थी। जिसके बाद अब ये तीसरा मौका है जब पीएफ पर ब्याज दरों में कटौती की गई हैं।

देशभर में 6 करोड़ से भी अधिक कर्मचारी ईपीएफओ से जुड़े हैं। ईपीएफओ की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) है जिसके प्रमुख श्रम मंत्री होते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि पर ब्याज दर के बारे में सीबीटी के फैसले के बाद वित्त मंत्रालय इसकी पुष्टि करता है। वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही भविष्य निधि अंशधारकों के खाते में ब्याज की राशि डाल दी जाती है।

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